जलवायु परिवर्तन में शामिल ग्रीनहाउस गैस रिकॉर्ड स्तर पर : UN

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संयुक्त राष्ट्र। जलवायु परिवर्तन में वृद्धि करने वाली मुख्य ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में गुरुवार को इस बात का खुलासा हुआ। द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल ऑर्गनाइजेशन (डब्लूएमओ) की रिपोर्ट में कहा गया कि कार्बन डाई ऑक्साइड (सीओ 2), मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड अब पूर्व औद्योगिक स्तर से काफी ऊपर पहुंच चुकी हैं, और अब इस चलन में कमी का कोई संकेत नहीं है।

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डब्लूएचओ के महासचिव पेटीरी तालास ने कहा, “कुछ वर्षो पहले अंतिम बार पृथ्वी ने सीओ 2 की तुलनात्मक सघनता का अनुभव किया था, जो 3-5एम रही थी। उस वक्त तापमान 2-3 सेंटीग्रेड गर्म था और समुद्र का स्तर अब की तुलना में 10 से 20 मीटर ऊंचा था।”

उन्होंने कहा, “विज्ञान स्पष्ट है। सीओ 2 और अन्य ग्रीनहाउस गैसों में कटौती किए बिना जलवायु परिवर्तन का खतरा तेजी से बढ़ता जाएगा और पृथ्वी पर अपरिवर्तनीय प्रभाव पड़ेगा। कार्रवाई के अवसरों की खिड़की लगभग बंद होने जा रही है।”

सीओ 2 का स्तर 2017 में वातावरण में 405.5 प्रति 10 लाख हिस्से के वैश्विक औसत पर पहुंच गया, जो औद्योगिक क्रांति से पहले की तुलना में ढाई गुना ज्यादा है।

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डब्लूएमओ की रिपोर्ट के मुताबिक, नाइट्रस ऑक्साइड अब पूर्व औद्योगिक स्तर से दोगुना से ज्यादा हो गई है। यह गैस पृथ्वी के सुरक्षा कवच ओजोन लेयर को तबाह और पृथ्वी को गर्म करती है।

उत्सर्जन में कटौती के प्रयास तेज हो रहे हैं और बुधवार को संयुक्त राष्ट्र की जलवायु परिवर्तन इकाई ने 2018 में की गई प्रतिबद्धताओं पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की।

इसमें पाया गया कि 128 देशों के नौ हजार शहरों के साथ 40 देशों के 240 राज्यों व क्षेत्रों और 120 देशों के छह हजार से ज्यादा व्यापारियों ने उत्सर्जन में कटौती के प्रयास किए।